Epilepsy in hindi meaning मिर्गी क्या है

Epilepsy in hindi meaning

Epilepsy in hindi meaning– EPILEPSY (मिर्गी) एक न्यूरोलॉजिकल अव्यवस्था है जिसमें मस्तिष्क असमान्य तरीके से कार्य करता है जिसके कारण दौरे(SEIZURE) पड़ते हैं. जो दौरे किसी विशेष कारण जैसे तेज बुखार, कमजोरी, शराब या B.P कम होने के कारण नहीं पड़ते उन्हें मिर्गी कहा जाता है. इसमें दौरे बार-बार पड़ते हैं.जब दिमाग में स्थायी रूप से परिवर्तन हो जाता है और दिमाग असमान्य संकेत भेजता है तब मिर्गी के दौरे पड़ते हैं. इससे दिमाग की कार्यप्रणाली गड़बड़ा जाती है. जिससे व्यक्ति का ध्यान और व्यवहार बदल जाता है. शोधों में पता चला है कि सिर्फ 15 फीसदी मामलों में ही इस रोग का कारण पारिवारिक इतिहास होता है जोकि हमारी पुरानी अवधारणा कि यह बीमारी अनुवांशिक है के विपरीत है. ज्यादातर 5 से 20 साल की उम्र में इसके लक्षण नजर आ जाते हैं और कुछ को तो बाद में भी यह बीमारी हो सकती है.

EPILEPSY (मिर्गी) किसी को भी हो सकती है. यह पुरुष, महिलाओं व बच्चों में भी हो सकती है.चाहे वह किसी भी नस्ल या आयु का हो.

EPILEPSY(मिर्गी) के कारण|Epilepsy in hindi meaning

लगभग 50 प्रतिशत मिर्गी के मरीजों में इसका कोई निर्धारित कारण नहीं होता और बाकी के 50 प्रतिशत लोगों में इसका कारण निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है:-

  1. अनुवांशिकता-किसी भी व्यक्ति में यह बीमारी अनुवांशिकी/GENETICALLY भी हो सकती है.
  2. चोट लगने से – किसी भी आयु में गिरने या किसी एक्सीडेंट में सिर पर गहरी चोट लगने से यह बीमारी हो सकती है.
  3. संक्रमित रोगों से– संक्रामक रोगों जैसे AIDS/एड्स, MENINGITIS/मेनिन्जाइटिस और VIRAL ENCEPHALITIS की वजह से भी मिर्गी रोग हो सकता है.
  4. दिमागी स्थिति– ब्रेन ट्यूमर, स्ट्रोक और डिमेनशिया/DIMENSIA की वजह से भी मिर्गी हो सकती है क्योंकि इसकी वजह से भी दिमाग को नुकसान पहुंचता है. 35 की उम्र से ज्यादा के लोगों में मिर्गी के होने का कारण स्ट्रोक ही सबसे ज्यादा है.
  5. विकास संबंधी गड़बड़ी– AUTOISM/ऑटोज़्म, NEUROFIBROMATOSIS/न्यूरोफिबरोमेटोसिस जैसी विकास संबंधी गड़बड़ी के कारण भी मिर्गी हो सकती है.
  6. जन्म से पूर्व की चोट-जन्म से पहले बच्चों का दिमाग बहुत ही संवेदनशील होता है जिससे उनके दिमाग में कोई भी डैमेज हो सकता है. इसका कारण माता को पहले से ही कोई संक्रमित बीमारी, पोषक तत्वों की कमी या ऑक्सीजन की कमी होना है जिसके कारण बाद में मिर्गी या सेरिब्रल पाल्सी हो सकती है.
  7. नींद पूरी ना होना, बुखार, बीमारी और तेज व चमकती रोशनी इस स्थिति के विकसित होने के कुछ आम कारण हैं.
  8. लंबे समय तक खाली पेट रहना, ज्यादा खाने या खास किस्म के भोजन अथवा पेय पदार्थों के सेवन या अधिक दवाओं के सेवन से भी इसकी शुरुआत हो सकती है.
  9. ज्यादा शराब पीना.
  10. दिमाग की रक्त कोशिकाओं का असमान्य होना.
  11. कोई भी मानिसक समस्या इसका कारण बन सकती है.

EPILEPSY(मिर्गी) के लक्षण|Epilepsy in hindi meaning

इस बीमारी के लक्षण इस बात पर निर्भर करते है कि दिमाग का कौन सा भाग इससे प्रभावित हुआ है और यह गड़बड़ी दिमाग के बाकी हिस्सों में किस तरह फैल रही है. मिर्गी का सबसे प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:-

  1. जागरुकता और चेतना में कमी, अस्थायी उलझन.
  2. शरीर की गति, संवेदनाएं और मूड आदि प्रभावित होना.
  3. कुछ लोगों को विशेष अनुभूति जैसे शरीर में झनझनाहट, उस गंध को सूंघना जो वास्तव में वहां होती नहीं है, भावनाओं में अचानक से बदलाव.
  4. लड़खड़ाकर चलना, सुनने और स्वाद को पहचानने में गड़बड़ी, मूड खराब होना और बेहोशी.
  5. एक ही जगह निगाह गड़ाए रखना बिना पलक झपकाए.
  6. शरीर अकड़ना और हाथ पैरों में झटके आना, जबड़ा मजबूती से बंद होना.

मिर्गी के लक्षण मिर्गी के प्रकार पर निर्भर करते हैं लेकिन ज्यादातर घटनाओं में व्यक्ति को एक ही प्रकार की मिर्गी होती है तो लक्षण भी उसके सभी एपिसोड में एक जैसे रहते हैं. सिर्फ एक दौरा काफी नहीं होता है ये जानने के लिए कि व्यक्ति को मिर्गी है. कम से कम दो दौरों के बाद ही यह माना जाता है व्यक्ति को मिर्गी है.

EPILEPSY(मिर्गी) के प्रकार|Epilepsy in hindi meaning

मिर्गी के दो मुख्य प्रकार हैं FOCAL SEIZURE (फोकल सीज़र) और GENERALISE SEIZURE.

1. FOCAL SEIZURE – जब दिमाग के किसी एक हिस्से में असमान्य गतिविधियों की वजह से दौरा पड़ता है तो उसे FOCAL या PARTIAL SEIZURE कहते हैं.फोकल सीज़र को भी दो वर्गों में विभाजित किया गया है.

  1. फोकल सीज़र चेतना को खोए बिना-इस प्रकार के दौरे में चेतना बनी रहती है लेकिन व्यक्ति की भावनाओं में परिवर्तन या कोई अलग से सुगंध, स्वाद, आवाज जो कि वास्तव में नहीं है उसे महसूस होती है. या शरीर के कोई एक हिस्से पैर या हाथ में झटके आना, धुंधला दिखाई देना या सामान्य रोशनी में चमकीला दिखाई देना.
  2. फोकल सीज़र चेतना खोने के साथ-इससे जटिल पार्शियल सीज़र भी कहते हैं इसमें व्यक्ति चेतना भी खो देता है और किसी दिशा में लगातार टकटकी लगाए देखता रहता है और उसे आसपास के वातावरण से कोई मतलब नहीं रहता है. वह हाथ को रगड़ना, मुंह को चलाना या सर्किल में पैदल चलना जैसे कार्य भी कर सकता है.

फोकल सीज़र के लक्षणों से यह जरूरी नहीं है कि यह मिर्गी ही हो. यह न्यूरोलॉजी की दूसरी बीमारी जैसे माइग्रेन/MIGRANE, नार्कोलैप्सी/NARCOLEPSY या अन्य कोई दिमागी बीमारी हो सकती है. ऐसे में उपचार से पहले यह जानना जरूरी है कि इस व्यक्ति की असली बीमारी क्या है और वह जांच से ही संभव है.

2. GENERALISE SIEZURE – जो दौरे दिमाग के पूरे भाग में पढ़ते हैं उसे GENERALISE सीज़र कहते हैं. यह 6 प्रकार के होते हैं.

  1. ABSENCE SEIZURE– इसे PETITMAL /पेटिटमल सीज़र के नाम से भी जाना जाता है. यह अधिकतर बच्चों में होता है. इसमें रोगी खाली स्थान पर टकटकी लगाए देखता है और शरीर का कोई भी हिस्सा जैसे आंख झपकना और होंठ चबाना बार-बार और जल्दी-जल्दी करता है और चेतना भी खो देता है.
  2. TONIC SEIZURE– इसमें शरीर की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं. इसमें पीठ, हाथ, पैर की मांसपेशियों पर प्रभाव पड़ता है जिससे व्यक्ति के जमीन पर गिरने की संभावनाएं हो जाती हैं.
  3. ATONIC SEIZURE– इसे ड्रॉप सीज़र भी कहते हैं. इसमें मांसपेशियों पर कोई कंट्रोल नहीं होता जिससे व्यक्ति अचानक गिर जाता है.
  4. CLONIC SEIZURE– इसमें बार-बार और क्रम से झटके आते हैं जिसमें गर्दन, चेहरे या हाथ में से कोई एक हिस्सा हिलता है.
  5. MYOCLONIC SEIZURE–  इसमें ज्यादातर हाथ या पैर में अचानक झटके आते हैं.
  6. TONIC-CLONIC SEIZURE– यह सबसे खतरनाक दौरा होता है जिसे हम सभी देखते और समझते आए हैं जिसमें पूरी चेतना चली जाती है और व्यक्ति गिर जाता है. हाथ पैर अक़ड़ जाते हैं और व्यक्ति हिलता है. इसमें कई बार जीभ भी कट जाती है. 

EPILEPSY(मिर्गी) जांच व उपचार |Epilepsy in hindi meaning

Epilepsy in hindi meaning मिर्गी क्या है 1

मिर्गी का पता लगाने के लिए शारीरिक जांच के साथ ही मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की गहन जांच की जाती है. इसकी सबसे प्रमुख जांच EEG इलेक्ट्रो एनसेफेलो ग्राम है जिसमें दिमाग की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को जांचा जाता है. जो लोग मिर्गी से पीड़ित होते हैं उनमें दिमाग की गतिविधियां असमान्य पाई जाती हैं. दौरा खत्म होने के बाद या दो दौरों के बीच में दिमाग सामान्य हो जाता है.

कौन सा हिस्सा कितना प्रभावित है यह जानने के लिए डॉक्टर दिमाग की MRI भी कराते हैं. मिर्गी के बारे में जानकारी होते ही सही उपचार की कोशिश की जानी चाहिए. दवाओं जैसे ANTICULVASENT DRUGS से मिर्गी का उपचार संभव है. आमतौर पर इसका उपचार दौरे कितने गंभीर है, कितने अंतराल में पड़ते हैं, रोगी की उम्र, सेहत व मेडिकल इतिहास पर निर्भर करता है. दिमाग की सर्जरी भी दौरे खत्म करने के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प है.

DEEP BRAIN रिटम्युलेशन (DPS) थैरेपी एक सर्जिकल उपचार है यह तब किया जाता है जब मिर्गी का इलाज दवाओं से संभव ना हो.

EPILEPSY(मिर्गी) से बचने के उपाय |Epilepsy in hindi meaning

  1. मिर्गी से बचने के लिए नियमित मेडिटेशन या ध्यान करते रहना चाहिए. इससे दिमाग स्वस्थ रहेगा.
  2. जो व्यक्ति जवान है वह शीर्षासन करके भी दिमाग को स्वस्थ रख सकते हैं क्योंकि हम सारा दिन अपने पैरों पर शरीर का भार रखते हैं और इससे हमारे मस्तिष्क में रक्त का संचार बहुत कम होता है. यदि प्रतिदिन शीर्षासन किया जाए तो दिमाग का रक्त संचार सुचारू रहता है और दिमाग स्वस्थ रहता है.
  3. संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद लें
  4. शराब और नशीली चीजों से दूर रहें. यह चीजें ट्रिगर का काम करती हैं.
  5. जन्म से पूर्व मां को पोषित आहार का सेवन करना चाहिए जिससे बच्चे के दिमाग को कोई हानि ना पहुंचे.

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धन्यवाद

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