Mirgi symptoms in hindi|8 गलतफहमियां

Mirgi symptoms in hindi

Mirgi symptoms in hindiEpilepsy(मिर्गी) बीमारी के बारे में सबसे परेशान और हैरान करने वाली बात यह है कि इससे पीड़ित तीन चौथाई लोगों को उचित उपचार ही नहीं मिल पाता. हमारे देश में कुल Epilepsy(मिर्गी) के मरीजों में 70 प्रतिशत मिर्गी से पीड़ित मरीज़ गांव में रहते हैं जहां अधिकतर बड़ी तादाद में लोग इसे भूत-प्रेत का चक्कर मानते हैं. रोगी और उसके परिवार को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है. गांवों में जब किसी के घर में कोई Epilepsy(मिर्गी) से या किसी भी न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पीड़ित होता है तो स्वंय उसके घरवाले भी इसे भूत-प्रेत का चक्कर समझकर किसी तांत्रिक या झाड़-फूंक करने वाले के पास चले जाते हैं जिससे तांत्रिक पीड़ित के परिवार से मनमुताबिक धन तो लूटते ही हैं साथ ही पीड़ित की हालत और नाजुक होती जाती है. यह धारणाएं पूरी तरह बेबुनियाद और गलत हैं जैसा कि हम आपको अपनी पिछली पोस्ट में बता चुके हैं दिमाग से जुड़ी न्यूरोलॉजिकल बीमारी सिर्फ Epilepsy(मिर्गी) ही नहीं ब्रेन ट्यूमर, सेरेब्रल पाल्सी जैसी दिमाग से जुड़ी और भी बीमारी हैं और इनके लक्षण भी अलग-अलग हैं.

Epilepsy(मिर्गी) रोग दिमाग की गड़बड़ी के कारण होता है क्योंकि हमारा दिमाग इलेक्ट्रोकेमिकल ऊर्जा का प्रयोग करता है इसलिए दिमाग की इलेक्ट्रिक क्रियाओं में कोई भी अवरोध दिमाग की कार्यप्रणाली को असमान्य बना देता है. मानसिक रोगियों को शारीरिक रोगियों के मुकाबले ज्यादा देखभाल और सहानुभूति की जरूरत होती है लेकिन होता इसका उल्टा है. मिर्गी रोगियों को भारत में ही नहीं दुनियाभर में कई सामाजिक भेदभावों व समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं है. इंडियन ऐपिलेप्सी एसोसिएशन के अनुसार दुनियाभर में करीब 5 से 6 करोड़ लोग मिर्गी से पीड़ित हैं. अकेले भारत में ही इसकी संख्या करीब एक से दो करोड़ है.

भारत में औसतन एक हजार में से पांच से छह लोग इस रोग से पीड़ित हैं और 70 फीसदी रोगियों को भारत में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार उचित इलाज ही नहीं मिल पाता है. देश में Epilepsy(मिर्गी) रोगियों की संख्या प्रतिवर्ष पांच लाख की दर से बढ़ रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) के अनुसार प्रतिवर्ष 25 लाख लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं.

Epilepsy(मिर्गी) से जुड़े मिथक और तथ्य |Mirgi symptoms in hindi

1.मिथक- मिर्गी ऊपरी हवा या जादू टोने के कारण होती है(Mirgi symptoms in hindi)

तथ्य- मिर्गी का जादू-टोने या भूत-प्रेत से कोई संबंध नहीं है. मिर्गी एक मेडिकल समस्या है, यह एक मानसिक रोग है जो दिमाग के शॉर्ट सर्किट होने से होता है जिसके कारण पीड़ित को दौरे पड़ते हैं

2.मिथक- मिर्गी एक गंभीर संक्रामक रोग है.(Mirgi symptoms in hindi)

तथ्य- मिर्गी एक संक्रामक रोग नहीं है और यह रोगी के संपर्क में आने से नहीं फैलता. इस रोग से पीड़ित व्यक्ति सामान्य वैवाहिक जीवन जी सकते हैं. यह रोग शारीरिक संबंधों से नहीं फैलता है. इस रोग के मां से बच्चे में होने की आशंका केवल 5 फीसदी होती है.

3.मिथक- मिर्गी जन्मजात अनुवांशिक रोग है.(Mirgi symptoms in hindi)

तथ्य- किसी को किसी भी समय मिर्गी रोग हो सकता है. कुछ में यह जन्मजात होता है कुछ में व्यस्क होने पर पहला दौरा पड़ता है हालांकि अनुवांशिकता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है लेकिन मिर्गी के कुछ दूसरे प्रमुख कारण भी है जैसे सिर में लगी गहरी चोट, ब्रेन ट्यूमर और स्ट्रोक. अधिकतर मामलों(लगभग 65 से 70 प्रतिशत) में रोग के कारणों का पता नहीं है.

4.मिथक- मिर्गी से बुद्धिमता प्रभावित होती है.(Mirgi symptoms in hindi)

तथ्य- मिर्गी के रोगियों में भी आईक्यू(IQ) लेवल उतना ही होता है जितना कि सामान्य लोगों में. हालांकि इस रोग से पीड़ित लोगों को सीखने में परेशानी हो सकती है. दवाओं के कारण उनमें आलस और थकान पैदा होती है.

5.मिथक- मिर्गी गंभीर रोग है जिसमें बार-बार दौरे पड़ते हैं.(Mirgi symptoms in hindi)

तथ्य- कई लोगों को बार-बार दौरे पड़ते हैं, किसी को रोज तो किसी को साल में एक बार. कुछ लोग बेहतर तरीके से इसका प्रबंधन कर लेते हैं जिससे उन्हें लंबे समय तक दौरा नहीं पड़ता हालांकि कई लोगों में उपचार के बाद भी बार-बार दौरे पड़ते हैं. मिर्गी प्रत्येक रोगी को अलग-अलग प्रकार से प्रभावित करती है.

6.मिथक- मिर्गी रोगी सामान्य जीवन नहीं जी सकते.(Mirgi symptoms in hindi)

तथ्य- मिर्गी की बीमारी पीड़ित को पढ़ाई और कार्यस्थल पर अच्छा प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकती. इस रोग से पीड़ित लोग शादी कर सकते हैं, अपना परिवार बढ़ा सकते हैं. मिर्गी एक मेडिकल कंडिशन है जिसमें दवाओं और दूसरे उपायों के द्वारा प्रबंधन करके सामान्य जीवन जिया जा सकता है हालांकि ऐसे लोगों को ड्राइविंग और स्वीमिंग से दूर रहना चाहिए.

7.मिथक- मिर्गी के रोगी को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.(Mirgi symptoms in hindi)

तथ्य– अक्सर मिर्गी के दौरे मेडिकल इमरजेंसी नहीं होते हैं. लेकिन अगर दौरा पांच मिनट या उससे अधिक समय तक रहता है या लगातार दौरे पड़ते हैं और रोगी को दौरों के बीच में होश भी नहीं आता या पीड़ित गिर जाता है या जिसे दौरा पड़ रहा है वह डायबिटीज़ का रोगी या गर्भवती महिला है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

8.मिथक- दौरा पड़ने पर तुरंत ही उसके मुंह में चम्मच या उंगली डाल देना चाहिए.(Mirgi symptoms in hindi)

तथ्य- यह गलत है. बलपूर्वक रोगी के मुंह में कुछ डालने पर इससे दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. सही तरीका है कि पीड़ित के सिर को सहारा देकर थोड़ा ऊंचा करते हुए एक करवट लिटा दें उसे चोटिल होने से बचाएं और ध्यान रखें कि व्यक्ति सामान्य रूप से सांस ले पाए. कुछ लोग दौरा पड़ने पर पीड़ित को जूता सुंघाते हैं यह पूरी तरह निराधार उपाय है.

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