About Asthma in hindi| कारण, लक्षण और बचाव

About Asthma in hindi
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About Asthma in hindi – Asthma(अस्थमा) एक ऐसी बीमारी जिममें व्यक्ति का सांस लेना ही मुश्किल हो जाता है. ये बीमारी नवजात से लेकर बुजुर्ग तक किसी को भी हो सकती है. अस्थमा को दमा के नाम से भी जाना जाता है. आज के समय में ये एक आम समस्या है. Asthma(अस्थमा) एक ऐसी जटिल बीमारी है जो अगर एक बार किसी को हो जाए तो वो ताउम्र रोगी का पीछा नहीं छोड़ती. ये ऐसी गंभीर बीमारी है जिसमें व्यक्ति की जान भी जा सकती है. हालांकि वक्त रहते कुछ उपायों से इसे काबू में जरूर किया जा सकता है.

Asthma|अस्थमा(दमा) क्या है |About Asthma in hindi

Asthma(अस्थमा) को आसान भाषा में सांस की बीमारी कहा जाता है. ये श्वास से संबंधित रोग है जिसमें मरीज को सांस लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसमें हमारी श्वास नलियों में सूजन आ जाती है,चिपचिपा बलगम इकट्ठा होने लगता है, नलियों की पेशियों सख्त हो जाती हैं, फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव महसूस होता है जिससे की मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है. सांस लेने पर मरीज का दम फूलने लगता है, खांसी होने लगती है और सीने में जकड़न के साथ-साथ घर्र-घर्र की आवाज आती है. यह रोग किसी भी व्यक्ति को और किसी भी उम्र में हो सकता है. बच्चों और बूढ़ों में Asthma(अस्थमा) होना आम बात है. वैश्विक स्तर पर हर साल अस्थमा से करीब ढाई लाख लोगों की मौत होती है.

Asthma(अस्थमा) कैसे होता है|About Asthma in hindi

किसी चीज से एलर्जी या प्रदूषण के कारण लोगों में अस्थमा की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. दरअसल श्वास नलिकाएं ही हमारे फेफड़ों से हवा को अंदर-बाहर करती हैं. Asthma(अस्थमा) होने पर इन नलिकाओं में सूजन आ जाती है जिससे ये सिकुड़ जाती हैं और फेफड़ों तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंच पाती जिससे मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. 

Asthma|अस्थमा(दमा) का खतरा कब बढ़ जाता है |About Asthma in hindi

  • मौसम में बदलाव की वजह से होने वाले वायरल इंफेक्शन की वजह से अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है.
  • धूल मिट्टी और धुएं की कुछ विशेष परिस्थितियों में अस्थमा के अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.
  • सांस की परेशानी और भावनात्मक रूप से आहत होने पर भी अस्थमा के अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.
  • घास, लकड़ी आदि के पराग कण, गैस, पेंट, स्मोकिंग और रासायनिक चीजों की गंध से अस्थमा का अटैक पड़ सकता है.
  • पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भी अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है.
  • खान-पान की भी कुछ चीजों से अस्थमा के अटैक की संभावनाएं बन जाती हैं. जैसे ब्रेड, पास्ता, केक और पेस्ट्री के ज्यादा सेवन से अस्थमा बढ़ सकता है. इसके अलावा मूंगफली, सोया, मछली और अंडे, दूध और दूध से बने उत्पाद भी अस्थमा के मरीज के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं.

Asthma|अस्थमा(दमा) के प्रकार |About Asthma in hindi

लक्षणों के आधार पर Asthma(अस्थमा) दो प्रकार के होते हैं. बाहरी अस्थमा और आंतरिक अस्थमा. बाहरी अस्थमा परागकणों, पशुओं, धूल, गंदगी कॉकरोच आदि के कारण हो सकता है, जबकि आंतरिक अस्थमा कुछ केमिकल्स के शरीर के अंदर पहुंचने से होता है. ये केमिकल्स हमारे शरीर के अंदर प्रदूषण और सिगरेट के धुएं के जरिए पहुंचते हैं. मौसम में बदलाव के साथ ही अस्थमा का ज्यादा असर देखने को मिलता है.

अस्थमा(दमा) के कारण

अस्थमा के निम्नलिखित कारण हैं:-

  1. जेनेटिक कारण-परिवार में अस्थमा का इतिहास होना भी अस्थमा का सबसे प्रमुख कारण होता है.
  2. वायु प्रदूषण
  3. घर में या उसके आसपास धूल का होना.
  4. घर में पालतू जानवर का होना.
  5. Perfumed cosmetics (रासायनिक गंध वाली चीजें) का इस्तेमाल करना.
  6. धूम्रपान.(कैसे छोड़ें नशे की लत)
  7. सर्दी, फ्लू ब्रोंकाइटिस(bronchitis) और साइनसाइटिस(sinusitis) का संक्रमण.
  8. तनाव या किसी प्रकार का भय.
  9. अधिक मात्रा में जंक फूड का सेवन.
  10. ज्यादा नमक खाना.

Asthma|अस्थमा के लक्षण |About Asthma in hindi

  1. लगातार खांसी आना-बलगम वाली या बिना बलगम के सूखी खांसी.
  2. लगातार छींक आना
  3. सांस फूलना
  4. सांस लेते समय या बोलते समय घरघराहट सी आवाज आना.
  5. सीने में जकड़न महसूस होना.
  6. बेचैनी जैसा महसूस होना.
  7. सिर का भारी होना.
  8. ज्यादा थकावट महसूस करना.
  9. रात में या सुबह के समय हालत और बिगड़ जाना.
  10. ठंडी हवा में सांस लेने से स्थिति और गंभीर हो जाना.
  11. जोर-जोर से सांस लेना.
  12. उल्टी करना.

Asthma|अस्थमा(दमा) से बचाव |About Asthma in hindi

अस्थमा से बचाव ही इससे राहत का सर्वोत्तम उपाय है, नीचे कुछ उपाय दिए गए हैं जिससे आप इस पर नियंत्रण पा सकते हैं:-

  1. प्रदूषण वाली जगह पर जाने से बचें.
  2. धूल, मिट्टी, धुआं, प्रदूषण होने पर मुंह और नाक पर कपड़ा ढकें.
  3. सिगरेट के धुएं से बचें.
  4. पेन्ट, कीटनाशक, स्प्रे, अगरबत्ती, खुशबूदार इत्र, मच्छर भगाने की कॉइल आदि के धुएं से दूर रहें.
  5. फास्ट फूड का सेवन ना करें.
  6. रंगयुक्त व फ्लेवर, एसेंस, प्रिजर्वेटिव मिले हुए खाद्य पदार्थों, कोल्ड ड्रिंक्स आदि से बचें
  7. खाने में ताजा फल और हरी सब्जियां शामिल करें.
  8. विटामिन A (पालक, पपीता आम, बेरी), विटामिन C( टमाटर, संतरा, नींबू, ब्रोकली, लाल-पीला शिमला मिर्च) खाने से अस्थमा की परेशानी में लाभ मिलता है.
  9. दलिया, ब्राउन राइस और साबुत अनाज का सेवन करें.
  10. रिफाइन कार्बोहाइड्रेट(चावल, मैदा, चीनी आदि) के सेवन से बचें.
  11. फैट वाली चीजें कम से कम खाएं.
  12. अचार और मसालेदार खाने से भी बचें.
  13. ठंडी और खट्टी चीजों से परहेज करें.
  14. चुकुंदर, डेरी उत्पाद, रेड मीट आदि ना खाएं.
  15. व्यायाम और योगा करें.
  16. कॉकरोच, चूहे, फूफंद आदि को घर में जमा ना होने दें.
  17. मौसम में बदलाव के समय खास एहतियात बरतें. अचानक से बहुत ठंडे से बहुत गर्म में ना जाएं और ना ही बहुत ठंडा या गर्म खाना खाएं
  18. तनाव से बचें, भरपूर नींद लें.

Asthma|अस्थमा से बचाव के आर्युवेदिक उपाय|About Asthma in hindi

अस्थमा से बचाव के कुछ घरेलू उपाय हैं जिससे आप इस समस्या से काफी हद तक राहत पा सकते हैं. ये नीचे दिए गए हैं:-

  1. मेंथी के दाने (About Asthma in hindi)-मेंथी सदियो से कई समस्याओं में एक औषधि की तरह इस्तेमाल की जाती रही है. अस्थमा की समस्या से राहत के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. मेंथी को पानी में उबालकर इसमें शहद और अदरक का रस मिलाकर प्रतिदिन पीएं. इससे आपको अस्थमा की समस्या से काफी राहत मिलेगी.
  2. आंवला पाउडर (About Asthma in hindi)- विटामिन सी से भरपूर आंवला हर तरह की एलर्जी के खात्मे के लिए एक कारगार उपाय माना जाता है, 1 टीस्पून आंवला पाउडर में 1 टीस्पून शहद मिलाकर प्रतिदिन खाली पेट सेवन करें. रोजाना इसके सेवन से अस्थमा पर काबू पाया जा सकता है.
  3. पालक और गाजर (About Asthma in hindi) -पालक और गाजर के रस को मिलाकर रोजाना पीने से भी अस्थमा की समस्या दूर होती है.
  4. पीपल के पत्ते (About Asthma in hindi) -पीपल के पत्तों को सुखाकर जला लें. इसके बाद इसे छानकर इसमें शहद मिलाएं. दिन में तीन बार इसे चाटने से अस्थमा की समस्या कुछ ही समय में दूर हो जाती है.
  5. बड़ी इलायची (About Asthma in hindi)- बड़ी इलायची, अंगूर और खजूर को समान मात्रा में पीसकर शहद के साथ खाएं. इसके सेवन से अस्थमा के साथ पुरानी से पुरानी खांसी भी दूर हो जाती है.
  6. सोंठ-सोंठ, सेंधा नमक, जीरा, भुनी हुई हींग और तुलसी के पत्ते को पीसकर 100 मि.लीटर पानी में उबाल लें. इसे पीने से भी अस्थमा की समस्या में आराम मिलता है
  7. तेजपत्ता (About Asthma in hindi) -तेजपत्ता और पीपल के पत्ते की 2 ग्राम मात्रा को पीसकर मुरब्बे की चाशनी के साथ खाएं. प्रतिदिन इसके सेवन से अस्थमा की समस्या कुछ ही दिन में खत्म हो जाएगी.
  8. सूखी अंजीर – सूखी अंजीर के 4 दाने रात को पानी में भिगो दें. सुबह खाली पेट इसे पीसकर खाने से अस्थमा के साथ कब्ज की समस्या भी दूर होती है.

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