Cervical cancer in hindi

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Cervical cancer in hindi – Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर) यानि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर, स्तन कैंसर के बाद महिलाओं में पाया जाने वाला यह दूसरा सबसे गंभीर रोग है जिसमें महिला की जान भी जा सकती है. दुनियाभर में 10 में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर(गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से पीड़ित है. यह किसी भी उम्र की महिला को हो सकता है. साल 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल 74 हजार महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से हो जाती है.

क्या है Cervical cancer(गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर)|Cervical cancer in hindi

cervical cancer
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गर्भाशय के मुख्य द्वार को सर्विक्स/cervix कहा जाता है. Cervix को neck of the womb भी कहा जाता है. Cervix (गर्भाशय ग्रीवा) में सेल्स की अनियमित वद्धि को Cervical cancer (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) कहा जाता है. यह कैंसर सबसे पहले असामान्य तरीके से प्रीकैंसरस सेल्स के रूप में डेवलप होता है. लगभग 10 साल बाद के ये प्रीकैंसरस सेल्स वास्तविक कैंसर कोशिकाओं में तब्दील हो जाती हैं, ये कैंसर कोशिकाएं सर्विक्स की मांसपेशियों, निकटवर्ती टिश्यूज़ और शरीर के अन्य अंगों में फैल जाती हैं.

क्या हैं Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर) का कारण|Cervical cancer in hindi

  1. HPV:- ज्यादातर Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर) Human papilloma virus/ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) के कारण होता है. यह यौन संचारित वायरस है(Sexually transmitted virus) है. 100 से ज्यादा तरह के HPV वायरस होते हैं जिनमें से 13 HPV वायरस की वजह से सर्वाइकल कैंसर(Cervical cancer) होता है.
  2. एक से ज्यादा व्यक्तियों से असुरक्षित यौन संबंध:- जिन महिलाओं के एक से ज्यादा व्यक्तियों के साथ यौन संबंध होते हैं उनमें HPV इंफेक्शन होने का ज्यादा खतरा रहता है. ऐसी महिलाओं के सर्वाइकल कैंसर(Cervical cancer) की चपेट में आने की संभावना सबसे अधिक होती है.
  3. धूम्रपान:- धूम्रपान से भी सर्वाइकल कैंसर(Cervical cancer) का खतरा बढ़ता है. साथ ही इससे अन्य तरह के कैंसर भी हो सकते हैं.
  4. कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता:- जिन लोगों को HIV/AIDS होता है उनमें Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर) होने का खतरा ज्यादा होता है.
  5. गर्भ निरोधक गोलियां:-  गर्भ निरोधक गोलियों का ज्यादा सेवन भी सर्वाइकल कैंसर(Cervical cancer) के खतरे को बढ़ाता है.
  6. अन्य यौन संचारित रोग( other sexually transmitted diseases):- क्लैमाइडिया/Chlamydia, गोनोरिया/Gonorrhea, सिफिलिस/syphilis, जैसे यौन संचारित रोग भी महिला में Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर) के खतरे को बढ़ाते हैं.
  7. कम उम्र में विवाह होना:- कम उम्र में सेक्सुअली एक्टिव रहने से भी सर्वाइकल कैंसर की आशंका रहती है. जिन महिलाओं की शादी छोटी उम्र में होती है उनमें Cervical cancer)सर्वाइकल कैंसर का खतरा अन्य के मुकाबले अधिक होता है.
  8. प्राइवेट पार्ट को साफ ना रखना:- यौन अंगों की सफाई ना करने से भी इस रोग के होने का खतरा रहता है.
  9. बार-बार गर्भधारण करना:- बार-बार गर्भधारण करने से भी सर्वाइकल कैंसर(Cervical cancer) हो सकता है.
  10. अनुवांशिकता:- इसका एक कारण अनुवांशिकता भी हो सकता है.

Cervical cancer(सर्वाइकल) कैंसर के लक्षण|Cervical cancer in hindi

Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर) के लक्षण उस समय तक नहीं दिखते जब तक यह कई सालों बाद गंभीर अवस्था में ना पहुंच जाए,फिर भी कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:-

  1. शारीरिक संबंध बनाने के बाद योनि से रक्तस्राव या तेज दर्द होना.
  2. दो महावारी के बीच में रक्तस्राव होना.
  3. पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना
  4. योनि से गुलाबी रंग का स्राव होना.
  5. भूख कम लगना, थकान होना.
  6. बिना मतलब के वज़न का घटना.
  7. अनीमिया होना.
  8. पेशाब करते समय तेज दर्द होना.

Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर) से बचाव |Cervical cancer in hindi

Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर/गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) दुनियाभर में महिलाओं की असमय मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है. दुखद बात तो ये है कि ज्यादातर मामलों में इस बीमारी की पहचान इसके अत्यधिक बढ़ जाने पर मर्ज के लाइलाज होने के बाद होती है. जबकि अगर सही समय पर इसका पता चल जाए को इसका इलाज संभव है. नीचे कुछ उपाय दिए गए हैं जिनसे आप इस जानलेवा कैंसर की जल्द पहचान कर सकते हैं

  1. पैप स्मीयर– पैप सम्यीर जांच द्वारा गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को न केवल शुरुआती अवस्था में पकड़ा जा सकता है बल्कि इसका 100 फीसदी इलाज भी हो सकता है. पैप स्मीयर इस कैंसर की जांच का बेहद सरल तरीका है. इसमें एक रुई के फोहे से योनि मार्ग से सेम्पल लेकर उसे प्रयोगशाला में कोशीय(साइटोलॉजी) जांच हेतु भेज दिया जाता है. महिलाओं को हर तीन साल में एक बार ये जांच जरूर करा लेनी चाहिए. महिलाएं जब अपनी किसी अन्य समस्या जैसे गर्भपात, परिवार नियोजन, प्रसूति आदि के लिए डॉक्टर के पास जाती हैं तभी अपनी ये जांच भी करवा लें.
  2. काल्पोस्कोपी– यह एक विशेष प्रकार का उपकरण होता है जिससे छोटे से छोटे ऊतक को भी बड़ा करके देखा जा सकता है. इस प्रकार काल्पोस्कोपी द्वारा योनि व गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर कोशिकाओं को अत्यंत प्रारंभिक व सूक्ष्म अवस्था में ही पकड़ा जा सकता है. अगर पेप स्मीयर या अन्य किसी स्क्रीनिंग जांच में कोई खराबी मिले, योनि से लगातार सफेद पानी की शिकायत हो, अत्यधिक मासिक स्राव हो या माहवारी बंद होने के बाद भी रक्तस्राव हो तो काल्पोस्कोपी कराना जरूरी हो जाता है. इसके अलावा सर्विक्स के कैंसर के ऑपरेशन के बाद इससे यह भी पता लगाया जा सकता है कि कहीं कैंसर का कोई हिस्सा छूट तो नहीं गया है.
  3. माहवारी में किसी तरह की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
  4. पेडू का दर्द बना रहें तो इसे अनदेखा ना करें, डॉक्टर से सलाह लें.
  5. अगर फैमिली हिस्ट्री है तो और भी सतर्क रहें.
  6. धूम्रपान ना करें, अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हेल्दी खाना खाएं और एक्सरसाइज करें.
  7. सुरक्षित यौन संबंध बनाएं, कई व्यक्तियों के साथ शारीरिक संबंध ना बनाएं.

Cervical cancer(सर्वाइकल कैंसर) का इलाज |Cervical cancer in hindi

  1. HPV वैक्सीन- सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण HPV(Human papilloma virus/ह्यूमन पेपीलोमा वायरस) होता है. अत: एचपीवी वायरस से बचाव के लिए लगाए जाने वाले टीके लगवाएं. बाजार में एचपीवी वायरस से बचाव के लिए दो वैक्सीन्स उपलब्ध हैं. इन वैक्सीन्स की तीन डोज़ दी जाती है जो आजीवन सुरक्षा प्रदान करती हैं. ये वैक्सीन्स किशोरियों और उन महिलाओं को भी लगायी जा सकती हैं जिनकी उम्र 30 साल से कम है और जो शारीरिक संपर्क स्थापित करती हैं. वैक्सीन की मदद से सर्वाइकल कैंसर से 70 फीसदी तक बचाव किया जा सकता है.
  2. सर्जरी- आमतौर पर शुरुआती अवस्था में सर्वाइकल कैंसर के इलाज में सर्जरी का विकल्प खुला रहता है. ऑपरेशन के जरिए गर्भाशय को निकाल दिया जाता है जिसे हिस्टेरेक्टॅमी कहा जाता है.
  3. कीमोथेरेपी- जिन महिलाओं का कैंसर शुरुआती अवस्था से आगे बढ़ चुका होता है उनके लिए इलाज में कीमोथेरेपी रेडिएशन थेरेपी का प्रयोग किया जाता है.
  4. लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी से भी सर्विक्स कैंसर का इलाज किया जाता है.

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