UTI symptoms in hindi

UTI symptoms in hindi

UTI symptoms in hindi – UTI यानि Urinary tract infection ( मूत्र मार्ग संक्रमण). यह मूत्र मार्ग में होने वाला संक्रमण है जिसका समय पर इलाज ना किया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. UTI सूक्ष्मजीवों से होने वाला संक्रमण है जिसे आप बिना माइक्रोस्कोप की मदद के नहीं देख सकते. ज्यादातर यूटीआई बैक्टीरिया के कारण होते हैं लेकिन कभी-कभी यह फंगस और वायरस द्वारा भी फैलता है. UTI मनुष्यों में होने वाला सबसे आम संक्रमण है. 15 से 40 की उम्र के लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है.

आज के समय में UTI/यूटीआई महिलाओं में सबसे आम समस्या है. हालांकि यह संक्रमण महिलाओं और पुरुषों दोनों में से किसी को भी हो सकता है लेकिन ज्यादातर महिलाएं इसका शिकार होती हैं. क्योंकि महिलाओं के प्रजनन अंग पुरुषों के मुकाबले अधिक जटिल होते हैं. गर्भावस्था में महिलाओं को अक्सर इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है. मूत्राशय में संक्रमण होने पर अगर इसका समय पर इलाज ना हो तो यह सीधा किडनी पर असर करता है और समस्या बढ़ने पर किडनी फेल होने तक की नौबत आ सकती है.

UTI /यूटीआई आपके मूत्र मार्ग में कहीं पर भी हो सकता है. हमारे शरीर का मूत्र मार्ग गुर्दे(Kidneys), मूत्रवाहिनी(Ureters), मूत्राशय(Bladder) और मूत्रमार्ग(Urethra) से मिलकर बना है. ज्यादातर UTI  निचले मार्ग में स्थित मूत्रमार्ग(Urethra) और मूत्राशय(Bladder) को प्रभावित करता है. जबकि ऊपरी हिस्से में UTI होने पर मूत्रवाहिनी(Ureters) और गुर्दे(Kidneys) प्रभावित होते हैं. निचले हिस्से का मूत्र मार्ग संक्रमण अधिक आम और गंभीर है जबकि ऊपरी हिस्से में होने वाला मूत्र मार्ग संक्रमण काफी कम पाया जाता है.

UTI (Urinary tract infection/मूत्र मार्ग संक्रमण) के लक्षण |UTI symptoms in hindi

UTI (मूत्र मार्ग संक्रमण) के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि मूत्र मार्ग का कौन सा हिस्सा इससे प्रभावित है.

निचले हिस्से का UTI(मूत्र मार्ग संक्रमण) मूत्रमार्ग(Urethra) और मूत्राशय(Bladder) को प्रभावित करता है. निचले मार्ग में होने वाले UTI/यूटीआई के निम्नलिखित लक्षण हैं:-(UTI symptoms in hindi)

  1. पेशाब करते समय जलन होना.(UTI symptoms in hindi)
  2. बार-बार पेशाब के लिए जाना. एक बार में ठीक से पेशाब का ना आना.
  3. तत्काल पेशाब के लिए जाना.
  4. पेशाब में खून आना.
  5. पेशाब का धुंधला दिखाई देना.
  6. बदबूदार पेशाब आना.
  7. शरीर के एक तरफ पेट के ऊपरी हिस्से और पीठ के बीच में दर्द होना.
  8. महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द होना.
  9. पुरुषों में गुदा संबंधी दर्द होना.

ऊपरी मार्ग का UTI आपकी Kidneys(गुर्दे) पर असर करता है. यह उस वक्त जानलेवा साबित हो सकता है जब बैक्टीरिया संक्रमित किडनी से खून में पहुंच जाए. इस अवस्था को urosepsis (यूरोसेप्सिस) कहते हैं जिससे खतरनाक तरीके से बल्ड प्रेशर लो होने, सदमा लगने और मौत तक हो सकती है.(UTI symptoms in hindi)

ऊपरी मार्ग के UTI(मूत्र मार्ग संक्रमण) के लक्षणों में शामिल है:-

  1. पीठ के ऊपरी हिस्से और दोनों तरफ दर्द होना.
  2. ठंड लगना.
  3. बुखार आना.
  4. जी मचलाना.
  5. उल्टी आना.

इनके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी मूत्र मार्ग संक्रमण के संकेत हो सकते हैं(UTI symptoms in hindi) जैसे :-

  1. बुजुर्गों में यह संक्रमण होने पर बुखार या हाइपोथर्मिया(Hypothermia), भूख ना लगना, सुस्ती जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
  2. छोटे बच्चों में मूत्र मार्ग संक्रमण की समस्या कम ही देखने की मिलती है. अगर कभी बच्चों को यह हो जाए तो उनमें बुखार, पीलिया, उल्टी, दस्त और चिड़चिड़ापन आदि लक्षण दिखाई देते हैं.
  3. गर्भवती महिलाओं में यूटीआई से संक्रमित होने की संभावनाएं अधिक होती हैं. गर्भावस्था के समय कम पानी पीने से इसके होने का खतरा ज्यादा होता है. ऐसे में महिलाओं को पेशाब करते वक्त असहनीय दर्द होता है, बार-बार पेशाब जाना पड़ता है, एक बार में पेशाब ठीक से नहीं होता. तत्काल पेशाब करने जैसी समस्याएं होती हैं

UIT (यू टी आई) के कारण |UTI symptoms in hindi

UTI(Urinary tract infection/मूत्र मार्ग संकम्रण) के मुख्य कारण हैं:-

  1. गंदे शौंचालय का इस्तेमाल करना.
  2. साफ-सफाई से ना रहना.
  3. कम पानी पीना.
  4. पेशाब को रोकने की आदत.
  5. मूत्राशय को ठीक से खाली ना करना.
  6. शुगर(मधुमेह).
  7. पथरी.
  8. गर्भावस्था.
  9. गर्भनिरोधक का इस्तेमाल.
  10. कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली(weak immune system).
  11. एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक इस्तेमाल.
  12. असुरक्षित यौन संबंध(एक या उससे अधिक व्यक्तियों के साथ संबंध बनाना).

UTI का परीक्षण|UTI symptoms in hindi

वक्त रहते यूटीआई का इलाज करना बेहद जरूरी है नहीं तो यह इतना बढ़ जाता है कि आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है. निचले मार्ग में होने वाले यूटीआई का इलाज ऊपरी मार्ग में होने वाले मूत्र मार्ग के संक्रमण के मुकाबले आसान है. ऊपरी मूत्र मार्ग में फैले संक्रमण का इलाज काफी मुश्किल हो जाता है और यह ज्यादातर खून में फैल जाता है जो कि सेप्सिस का कारण बनता है जो कि एक जानलेवा बीमारी है.

आपको जैसे ही लगे कि आपको मूत्र मार्ग संक्रमण(UTI) है तो आप तुरंत ही डॉक्टर को संपर्क करें ताकि आगे होने वाले खतरे से बच सकें. एक सामान्य मूत्र जांच और खून की जांच आपको भविष्य में इस संक्रमण से होने वाले जानलेवा खतरे से बचा सकती है.

आपको लगता है कि अगर आपको यूटीआई है तो आप किसी भी अच्छे डॉक्टर के पास जाइए और उन्हें अपनी परेशानी बताइए जिसके बाद डॉक्टर आपके लक्षणों को सुनकर आपको मूत्र की जांच कराने को कहेंगे.

जांच के दौरान अगर आपके मूत्र में श्वेत रक्त कोशिकाओं(White blood cells ) की संख्य अधिक है तो साफ है कि आपको यूटीआई है. इसके साथ ही डॉक्टर मूत्र में बैक्टीरिया की मौजूदगी की भी जांच करेंगे और फिर उसी आधार पर आपका इलाज चलेगा.

UTI का इलाज |UTI symptoms in hindi

यूटीआई का इलाज इस बात पर निर्भर करता है वो किस कारण से हुआ है. किस जीव की वजह से ये संक्रमण आपके मूत्र मार्ग में फैला है. जांच के बाद डॉक्टर इसका सही कारण पता लगाते हैं और उसी आधार पर आपका इलाज किया जाता है.

ज्यादातर मामलों में यूटीआई का कारण बैक्टीरिया होता है. बैक्टीरिया द्वारा होने वाले मूत्र मार्ग संक्रमण(UTI) को एंटीबायोटिक्स के जरिए ठीक किया जाता है.

वहीं कुछ मामलों में Viruses(विषाणु) और fungi(कवक) की वजह से भी UTI/यूटीआई(Urinary tract infection/मूत्र मार्ग संक्रमण) होता है. वायरल यूटीआई का इलाज एंटीवायरल(Antiviral) दवाओं से किया जाता है जबकि फंगल(fungal) यूटीआई का इलाज एंटीफंगल(Antifungal) दवाओं से किया जाता है.

इसके अलावा मूत्र मार्ग से संक्रमित लोगों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है ताकि बार-बार पेशाब करने से उनके शरीर से बैक्टीरिया निकल सके.

UTI (यू टी आई) से बचाव |UTI symptoms in hindi

यूरीन इंफेक्शन से बचाव के लिए आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:-

  1. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. अपने शरीर में पानी की बिल्कुल भी कमी ना होने दें. पेशाब को कभी ना रोकें.
  2. स्वच्छ टॉयलेट का इस्तेमाल करें.
  3. जननांगों को साफ रखें.
  4. यौन संबंध बनाने के तुरंत बाद मूत्र त्याग करें और गुप्तांग को साफ करें.
  5. शुक्राणुनाशकों(Spermicides) का इस्तेमाल ना करें.
  6. माहवारी के समय टेम्पॉन की जगह सेनेटरी पैड या मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करें.
  7. जननांगों में किसी भी तरह के सुंगधित उत्पादों का इस्तेमाल ना करें.
  8. शराब और कैफीन के सेवन से दूर रहें.
  9. सूती कपड़े के अंडरगारमेंट पहनें.
  10. खान-पान की चीजों में भी साफ-सफाई का ध्यान रखें.

UTI(यू टी आई) से बचाव के घरेलू उपाय |UTI symptoms in hindi

यूटीआई से बचाव के लिए आप कुछ घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं जैसे :-

  1. क्रेनबेरी का जूस यूटीआई को रोकने के लिए काफी लाभदायक साबित होता है. इस जूस में मौजूद प्रोएंथोसाइनिडिन बैक्टीरिया को यूरीनरी ट्रैक्ट(मूत्र मार्ग) की लाइनिंग से चिपके रहने से रोकता है.
  2. विटामिन सी युक्त फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करें क्योंकि इसमें मौजूद एस्कॉर्बिक एसिड पेशाब को अधिक अम्लीय बनाता है जिससे बैक्टीरिया के विकास की संभावना कम होती है.
  3. मसालेदार भोजन, निकोटीन, कृत्रिम मिठास और कार्बोनेटेड पेय से दूर रहें. ये मूत्राशय में जलन पैदा करते हैं.
  4. सेब के सिरके का उपयोग करें. इसे प्राकृतिक एंटीबायोटिक कहा जाता है. इसमें एन्जाइम्स के साथ पोटेशियम और दूसरे मिनरल्स होते हैं जो बैक्टीरिया से बचाव करते हैं. यूटीआई होने की स्थिति में दो चम्मच सेब के सिरके को एक गिलास पानी में मिलाकर पिएं. चाहें तो इसमें नींबू का रस और शहद भी मिला सकते हैं. यह यूटीआई में जल्द राहत देगा.
  5. अनानास का सेवन करें, यूरीन इंफेक्शन में अनानास भी काफी लाभदायक सिद्ध होता है. अनानास का सेवन संक्रमण रोकने में मदद करता है. अनानास खाने के साथ आप इसका जूस भी पी सकते हैं.
  6. टी ट्री का तेल यूटीआई की समस्या में सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. यह तेल एंटीबैक्टीरियल होता है जो काफी हद तक यूरीन इंफेक्शन की समस्या से राहत दिलाता है. इस तेल की 10 बूंदे नहाने के पानी में मिलाकर उससे संक्रमित अंग को धोएं. ऐसा एक सप्ताह लगातार करने से यूटीआई की समस्या में काफी आराम मिलता है.

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