Neem in hindi information|नीम के फायदे

Neem in hindi information

Neem in hindi information- का भारत में अपना अलग ही महत्व है. Neem(नीम) जैसे देश की आत्मा में बसा हुआ है. सदियों से इसके महत्व को हम देखते, सुनते और समझते आ रहे हैं. दादी, नानी से ना जाने कितनी ही बार हमने नीम के पेड़ की कहानी सुनी है. भारत में लगभग चार हजार वर्षों से नीम का प्रयोग किया जा रहा है. लाखों गुणों से भरपूर Neem(नीम) का ना सिर्फ औषधियों के तौर पर बल्कि सुंदरता और ना जाने कितने ही तरीकों से प्रयोग होता आया है. नीम के बारे में कितनी ही किताबें भी लिखी गई है. इसके गुणों के बारे में बताने बैठ जाएं तो पूरा एक पुराण तैयार हो जाए. तुलसी की तरह ही नीम का भी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. वहीं गुणों के मामले में ये तुलसी से भी कहीं ऊपर है. बैक्टीरिया नाशक, कीटाणुनाशक और अन्य कई गुणों से भरपूर Neem(नीम) का प्रयोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, त्वचा रोगों, ऊर्वरक के तौर पर और दांत से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है.

Neem(नीम) का परिचय|neem in hindi information

Neem(नीम) मेलियेसी कुल का भारतीय मूल का एक पर्ण-पाती वृक्ष है. भारत में यह बहुत बड़ी तादाद में पाया जाता है. इसका वानस्पतिक नाम एजाडिरेक्टा इण्डिका( Azadirachta indica )है. इसका संस्कृत नाम निम्ब या अरिष्टा है, अरिष्टा यानि बीमारी से राहत पाना. भारत के अलावा यह सदियों से समीपवर्ती देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यानमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि देशों में पाया जाता रहा है. लेकिन पिछले कुछ लगभग डेढ़ सौ सालों में यह भारतीय उपमहाद्वीप की भौगोलिक सीमा को लांघ कर अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण एवं मध्य अमरीका तथा दक्षिणी प्रशांत द्वीपसमूह के अनेक उष्ण और उप-उष्ण कटिबंधीय देशों में भी पहुंच चुका है. एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर नीम को सर्वोच्च औषधि के रूप में जाना जाता रहा है. स्वाद में यह बेशक कड़वा हो लेकिन इसके फायदे अमृत के समान है.

गुणों का खजाना Neem(नीम)|neem in hindi information

औषधीय गुणों से भरपूर Neem(नीम) का आम जीवन में काफी बड़ा महत्व है. इसकी पत्तियों से लेकर इसकी जड़ तक सब कुछ अत्यंत उपयोगी होते हैं. त्वचा, पेट, आंखें, और विषाणु जनित समस्याओं में इसका अद्भुत प्रयोग किया जाता है. इसकी पत्तियां किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोक सकती हैं.

Neem(नीम) के पेड़ को जीवनदायिनी माना जाता है. नीम का पेड़ हवा को शुद्ध करने के साथ-साथ अन्य पेड़ों की तुलना में अधिक ऑक्सीजन भी पैदा करता है. प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में नीम के पौधे का सबसे अहम योगदान होता है. पत्तों से लेकर इसकी छाल तक के गजब के लाभ हैं. नीचे हम विस्तार से आपको बता रहे हैं इसकी पत्तियों से लेकर इसकी जड़ तक के गुण.

Neem(नीम) की पत्तियों के फायदे|neem in hindi information

Neem(नीम) की पत्तियां इतनी गुणकारी हैं कि अगर इसे औषधि कहा जाए तो ज्यादा बेहतर होगा. इसके पत्तों के अनेकों लाभ हैं जैसे:-

  1. मधुमेह(Diabetes) में फायदेमंद Neem(नीम) की पत्तियां मधुमेह के रोगियों के लिए वरदान से कम नहीं हैं. मधुमेह के रोगी इसके पत्तों को प्रतिदिन चबाकर खाएं तो जल्द ही उनकी मधुमेह की समस्या दूर हो सकती है.
  2. पेट के कीड़े मारे – पेट के कीड़े के रोगियों के लिए भी Neem(नीम) की पत्तियां लाभकारी हैं. यह लोग अगर इसके पत्तों को चबाकर खाएं तो गजब के फायदे देखने को मिलेंगे.
  3. त्वचा के लिए एक औषधि – Neem(नीम) की पत्तियां त्वचा संबंधी रोगियों के लिए बहुत हितकारी है. नीम के पत्तों को पानी में उबालकर नहाने से हर तरह की त्वचा संबंधी समस्या दूर हो जाती है.
  4. कील मुंहासे करे दूर Neem(नीम) के पत्तों के पेस्ट को चेहरे पर इस्तेमाल करने से कील मुंहासों की समस्या दूर होती है और चेहरा बिल्कुल साफ निकल आता है.
  5. घाव को भरे – नीम की पत्तियों के उपयोग से लगभग हर तरह का घाव ठीक हो जाता है. अगर कहीं आपको जहरीले कीड़े ने काटा हो या अन्य कोई घाव हो तो इसके पत्तों का लेप लगाने से काफी राहत मिलती है.
  6. कीटाणुनाशक – Neem(नीम) के पत्तों में कीटाणुनाशक गुण भी होते हैं. इन्हें घर के दरवाजे पर टांगने मात्र से मच्छर या कीटाणु घर से दूर रहते हैं. जहां मच्छर अधिक होते हैं वहां नीम की पत्तियों को जलाकर मच्छरों को भगाया जा सकता है.
  7. खून करे साफ – Neem(नीम) की पत्तियां रक्त को शुद्ध करती हैं, यह शरीर में वात का संतुलन बनाए रखती है जिससे खून साफ होता है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम कर देते हैं.
  8. बालों के लिए लाभदायक Neem(नीम) की पत्तियां बालों के लिए भी लाभदायक हैं. इसकी पत्तियों को गर्म पानी में उबालकर नहाने से बालों से डैंड्रफ खत्म होता है. इसके साथ ही बालों से जुएं खत्म करने के लिए इसके पेस्ट या पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है.
  9. रोग प्रतिरोधक क्षमता करे मज़बूत -आपको जानकर हैरानी होगी कि नीम की पत्तियां चबाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है.
  10. पाचन तंत्र सुधारे – Neem(नीम) की पत्तियों को खाने से पाचन संबंधी समस्याओं में भी राहत मिलती है.
  11. कैंसर का खतरा कम करे – Neem(नीम) की पत्तियों में लियोम्नोइड्स नामक तत्व होता है जो कैंसर के खतरे को कम करता है.

Neem(नीम) की छाल के फायदे |neem in hindi information

नीम के पेड़ का हर अंग महत्वपूर्ण है. नीम के पत्तों की तरह ही इसके पेड़ की छाल के भी अद्भुत फायदे हैं जो निम्नलिखित हैं:-

  1. चर्म रोग और घाव करे ठीक (Neem in hindi information)-नीम की छाल के प्रयोग से हर तरह का चर्म रोग ठीक हो जाता है साथ ही घाव होने पर नीम की छाल का लेप लगाने से काफी फायदा होता है.
  2. मलेरिया की अचूक दवा –आयुर्वेद में नीम की छाल को मलेरिया की अचूक दवा बताया गया है. मलेरिया बुखार होने की स्थिति में नीम की छाल को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बना लें. फिर इस काढ़े को दिन में तीन बार, दो बड़े चम्मच पिएं. ऐसा करने से बुखार ठीक होता है. साथ ही कमजोरी भी दूर होती है.
  3. खाद के लिए उपयोगी-नीम की छाल से बेहतरीन किस्म की खाद भी बनाई जाती है.

Neem(नीम) की दातुन के फायदे |neem in hindi information

नीम के पत्ते और छाल की तरह उसकी दातुन भी काफी लाभकारी सिद्ध होती है. इसके दातुन के निम्नलिखित फायदे हैं:-

  1. दांतों के लिए वरदान (Neem in hindi information) -पुराने जमाने में जब ब्रश नहीं होता था तो लोग नीम की दातुन का ही प्रयोग करते थे और इसके इस्तेमाल से उनके दांत न केवल स्वस्थ रहते थे बल्कि मोती से चमकते भी थे. नीम की दातुन आज भी लोगों में उतनी ही लोकप्रिय है. नीम की दातुन दांतों और मसूड़ों को साफ तो करती ही है साथ ही यह मुंह में मौजूद कीटाणुओं को मार कर मुंह की बदबू से राहत भी दिलाती है. नीम की दातुन के इस्तेमाल से पायरिया की समस्या भी जड़ से खत्म होती है.
  2. पेट के कीटाणु मारे (Neem in hindi information) – नीम के दातुन से निकलने वाला रस पेट में मौजूद कीटाणुओं को मार देता है.

Neem(नीम) के अन्य फायदे|neem in hindi information

  1. Neem(नीम) के तेल के प्रयोग से त्वचा रोग दूर होते हैं. नीम के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर शरीर पर मालिश करने से सभी प्रकार के त्वचा रोग ठीक हो जाते हैं.
  2. बिच्छू, ततैया जैसे विषैले कीटों द्वारा काट लेने पर नीम के पत्तों को महीन पीसकर काटे गए स्थान पर उसका लेप लगाने से राहत मिलती है और जहर भी नहीं फैलता.
  3. खांसी, बवासीर, पेट के कीड़ों की समस्या को खत्म करने के लए नीम के डंठल का उपयोग करें. इसके अलावा आप प्रतिदिन डंठल को चबाकर या उबालकर पी भी सकते हैं.
  4. सिरदर्द, दांत दर्द, हाथ-पैर और सीने में दर्द होने पर नीम के तेल की मालिश से काफी लाभ मिलता है.
  5. नीम के पत्तों की राख को 2 ग्राम मात्रा में प्रतिदिन पानी के साथ लेने से गुर्दे की पथरी गलने लगती है और मूत्रमार्ग से बाहर निकल जाती है.
  6. Neem(नीम) की पत्तियों को दही के साथ पीसकर लगाने से दाद या खुजली की समस्या से जल्द रहात मिलती है. इसके इस्तेमाल से दाद की समस्या खत्म हो जाती है.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *