Leukemia meaning in hindi

Leukemia meaning in hindi

Leukemia meaning in hindi(ल्यूकेमिया)-विज्ञान के क्षेत्र में तमाम ऊंचाईयों को छूने के बावजूद कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी पर हम पूरी तरह लगाम लगा पाने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं. कैंसर आज विश्व में महामारी का रूप लेता जा रहा है. हर साल बड़ी तादाद में लोग कैंसर के चलते अपनी जिंदगी गंवा देते हैं. कैंसर भी कई तरह का होता है. ऐसा ही एक कैंसर है Leukemia(ल्यूकेमिया) जो तब चर्चा में आया जब फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर की इससे मौत हो गई. आज अपने इस लेख में हम आपको बता रहे हैं leukemia(ल्यूकेमिया) क्या है, इसके होने के कारण क्या है, लक्षण क्या है, कैसे इसका इलाज किया जाता है और कैसे हम आज के इस वक्त में अपना इससे बचाव कर सकते हैं.  

Leukemia (ल्यूकेमिया) क्या है |Leukemia meaning in hindi

Leukemia(ल्यूकेमिया) एक प्रकार का ब्लड कैंसर है जिसमें शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स यानि सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या असामान्य रूप से बढ़ने लगती है. इसके साथ ही इनका आकार भी बदलने लगता है. शरीर में असामान्य रूप से बढ़ने वाले ये व्हाइट ब्लड सेल्स स्वस्थ रक्त कोशिकाओं के विकास में बाधा डालते हैं. भारत में हर साल लगभग एक मिलियन मामले Leukemia(ल्यूकेमिया) के सामने आते हैं.

Leukemia(ल्यूकेमिया) के लक्षण |Leukemia meaning in hindi

भिन्न-भिन्न प्रकार के Leukemia(ल्यूकेमिया) अलग-अलग तरह की परेशानी पैदा करते हैं. इसी आधार पर इनके लक्षण भी होते हैं. ल्यूकेमिया के निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:-

  1. थकान व कमजोरी.
  2. त्वचा का रंग पीला पड़ना.
  3. आसानी से चोट लगना व रक्तस्राव.
  4. बुखार व कंपकंपी.
  5. संकम्रण .
  6. जोड़ों व हड्डियों में दर्द
  7. सिरदर्द.
  8. वजन कम होना.
  9. रात में पसीना आना.
  10. सांस लेने में तकलीफ
  11. लिम्फ नोड्स में सूजन.

Leukemia (ल्यूकेमिया) के कारण |Leukemia meaning in hindi

Leukemia(ल्यूकेमिया) होने का अभी तक कोई निश्चित कारण सामने नहीं आया है. लेकिन फिर भी कुछ जोखिम कारक हैं जिनकी वजह से आपको Leukemia(ल्यूकेमिया) होने का खतरा हो सकता है जैसे:-

  1. धूम्रपान
  2. रासायनिक एक्सपोज़र के संपर्क में आना.
  3. पहले कभी इलाज के लिए कीमोथेरेपी होना.
  4. Leukemia(ल्यूकेमिया) का पारिवारिक इतिहास.
  5. डाउन सिंड्रोम जैसी जेनेटिक स्थितियां.

Leukemia (ल्यूकेमिया) के प्रकार|Leukemia meaning in hindi

Leukemia(ल्यूकेमिया) मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है:-

  1. एक्यूट माइलोजीनस ल्यूकेमिया(AML)– इस प्रकार का Leukemia(ल्यूकेमिया) अधिकतर बच्चों और व्यस्कों में पाया जाता है. यह Leukemia(ल्यूकेमिया) का सबसे आम रूप है. इसमें अस्थि मज्जा(Bone marrow, बोन मैरो) में ब्लास्ट सेल्स का विकास होता है
  2. एक्यूट लिम्फोसाहइटिक ल्यूकेमिया(ALL)– यह ज्यादातर बच्चों में होता है, यह तेजी से विकसित होता है. इसमें स्वस्थ कोशिकाओं की जगह Leukemia(ल्यूकेमिया) कोशिकाओं का उत्पादन होता है. आमतौर पर इसका संबंध अधिक बी लसीका कोशिकाओं के उत्पादन से है.
  3. क्रोनिक माइलोजीनस ल्यूकेमिया(CML)-यह ज्यादातार व्यस्कों को प्रभावित करता है. इसे क्रोनिक मायलोइड ल्यूकेमिया के रूप में भी जाना जाता है. यह बोन मैरो(अस्थि मज्जा) और रक्त को प्रभावित करता है. यह अस्थि मज्जा की खून बनाने वाली कोशिकाओं में शुरु होता है और फिर रक्त में फैलने लगता है.
  4. क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया(CLL)– इस प्रकार का leukemia(ल्यूकेमिया) ज्यादातर 55 साल से ज्यादा उम्र वालों को प्रभावित करता है. यह बच्चों में बहुत कम पाया जाता है. यह आम तौर पर धीमी गति से बढ़ने वाला कैंसर है. यह अस्थि मज्जा(Bone marrow, बोन मैरो) के लिम्फोसाइट में शुरु होता है और रक्त में फैलता है.

Leukemia (ल्यूकेमिया) कैसे होता है?|Leukemia meaning in hindi

हमारे शरीर में तीन तरह की रक्त कोशिकाएं होती हैं. सफेद रक्त कोशिकाएं(White blood cells) जो संक्रमण से लड़ती हैं, दूसरा लाल रक्त कोशिकाएं(Red blood cells) जो ऑक्सीजन पहुंचाती हैं और तीसरा प्लेटलेट्स(Platelets) जो खून का थक्का बनाने में मदद करती हैं.

प्रतिदिन हमारे शरीर में Bone marrow/ बोन मैरो(अस्थि मज्जा) अरबों नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण करती है जिनमें से ज्यादातर लाल रक्त कोशिकाएं(Red blood cells) होती हैं. वहीं जब आपको leukemia(ल्यूकेमिया) होता है तो आपके शरीर में जरूरत से ज्यादा सफेद रक्त कोशिकाएं(white blood cells) बनने लगती हैं.

ल्यूकेमिया के रूप में बनी ये अतिरिक्त सफेद रक्त कोशिकाएं ठीक तरह से कार्य नहीं करती हैं. जैसा कि सामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं करती हैं. यह सामान्य सफेद रक्त कोशिकाओं की तरह संक्रमण से नहीं लड़ती. इसके साथ ही असामान्य रूप से बड़ी तादाद में विकसित हुई ये अतिरिक्त सफेद रक्त कोशिकाएं शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली को प्रभावित करना शुरु कर देती हैं.

Leukemia (ल्यूकेमिया) की जांच |Leukemia meaning in hindi

आपके रक्त और Bone marrow/बोन मैरो( अस्थि मज्जा) में Leukemia(ल्यूकेमिया) के लक्षण का  पता लगाने के लिए चिकित्सक निम्नलिखित जांच कर सकते हैं:-

  1. खून की जांच– खून की जांच से चिकित्सक यह पता लगाएंगे कि आपके शरीर में सफेद रक्त कोशिकाएं या प्लेटलेट्स का स्तर असामान्य तो नहीं.
  2. बोन मैरो बायोप्सी(bone marrow biopsy)– इसमें चिकित्सक आपके हिपबोन से bone marrow(अस्थि मज्जा) का नमूना लेकर उसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज सकते हैं. इससे चिकिस्तक को यह पता लगाने में मदद मिलती है आपको किस प्रकार का ल्यूकेमिया है और कितना गंभीर है.   
  3. स्पाइनल टैप(spinal tap)-इसमें आपकी रीढ़ की हड्डी से जांच के लिए तरल पदार्थ लिया जाएगा जिससे कि यह पता लगाया जा सकेगा कि leukemia(ल्यूकेमिया) आपके शरीर में कहां तक फैला है.
  4. इमेजिंग जांच(imaging test)– ल्यूकेमिया का पता लगाने के लिए चिकित्सक आपको CT Scan(सीटी स्कैन), MRI और PET Scans के लिए भी कह सकते हैं.

Leukemia (ल्यूकेमिया) का इलाज|Leukemia meaning in hindi

Leukemia (ल्यूकेमिया) का इलाज उसके प्रकार और शरीर में उसके प्रसार पर निर्भर करता है. इसके साथ ही इसका इलाज इस बात पर भी आधारित होता है कि मरीज़ का स्वास्थ्य कैसा है. ल्यूकेमिया का इलाज निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है जैसे:-

  1. कीमोथेरेपी(Chemotherapy)कीमोथेरेपी ल्यूकेमिया के उपचार का सबसे आम और प्रमुख तरीका है. इस प्रक्रिया में ल्यूकेमिया कोशिकाओं को मारने के लिए रसायनों का उपयोग किया जाता है.
  2. विकिरण उपचार(Radiation therapy)-इसमें Leukemia (ल्यूकेमिया) कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने और उनके विकास को रोकने के लिए एक्स-रे या अन्य उच्च-उर्जा बीम का सहारा लिया जाता है.
  3. जैविक चिकित्सा (biological therapy)-जैविक चिकित्सा में इलाज के उन तरीकों का उपयोग किया जाता है जिसमें आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली Leukemia (ल्यूकेमिया) कोशिकाओं को पहचान कर उन्हें खत्म कर सके.
  4. लक्षित थेरेपी(targeted therapy)-इसमें कुछ दवाओं की मदद से आपकी कैंसर कोशिकाओं में मौजूद भीतरी विशिष्ट कमजोरियों पर हमला कर उन्हें नष्ट किया जाता है.
  5. स्टेम सेल प्रत्यारोपण(stem cell transplant)-इसमें आपके रोगग्रस्त bone marrow(अस्थि मज्जा) को स्वस्थ bone marrow(अस्थि मज्जा) के साथ बदला जाता है. इस प्रक्रिया से पहले आपके रोगग्रस्त अस्थि मज्जा को नष्ट करने के लिए कीमोथेरेपी या विकिरण चिकित्सा की उच्च खुराक दी जाती है. इसके बाद आपको रक्त बनाने वाले स्टेम कोशिकाओं का एक इंफ्यूज़न दिया जाता है जो अस्थि मज्जा को दोबारा बनने में मदद करता है.
  6. सर्जरी(surgery)– इसमें चिकित्सक कैंसर कोशिकाओं से भर चुकी आपकी पूरी तिल्ली को ही हटा देते हैं ताकि वो शरीर के किसी अन्य अंग पर अपना प्रभाव ना डाल सके. इस प्रकिया को स्प्लेनेक्टोमी(splenectomy) कहते हैं

Leukemia (ल्यूकेमिया) से बचाव|Leukemia meaning in hindi

निम्नलिखित तरीके अपनाकर आप Leukemia (ल्यूकेमिया) से अपना बचाव कर सकते हैं:-

  1. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं.
  2. संतुलित व स्वस्थ आहार लें.
  3. प्रतिदिन व्यायाम करें.
  4. तनाव से बचें.
  5. रेडिएशन के हाई डोज़ से बचें.
  6. ज़हरीले रसायन से खुद को सुरक्षित रखें.
  7. धूम्रपान या तंबाकू का सेवन ना करें.
  8. साफ-सफाई का ख्याल रखें. ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव कर सकें.
  9. हमेशा उबला हुआ पानी पिएं.
  10. पका हुआ व ताजा खाना खाएं.
  11. भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें.
  12. आवश्यक टीका लगवाएं.

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