Jaundice symptoms in hindi

Jaundice symptoms in hindi
Jaundice symptoms in hindi

Jaundice symptoms in hindi-Jaundice यानि पीलिया एक गंभीर बीमारी है जो लिवर(liver) की खराबी की वजह से होती है. दुनियाभर में हर साल बड़ी तादाद में लोग jaundice(पीलिया) रोग से ग्रसित होते हैं. पीलिया(jaundice) बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी में भी हो सकता है. अगर समय पर इसका इलाज ना मिले तो jaundice(पीलिया) जानलेवा साबित हो सकता है.

क्या है jaundice(पीलिया)|Jaundice symptoms in hindi

Jaundice(पीलिया) वो अवस्था है जिसमें हमारी त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है और आंखों का रंग सफेद हो जाता है. jaundice(पीलिया) को आप लिवर से जुड़ी एक गंभीर बीमारी कह सकते हैं. इसमें खून का पानी बनने लगता है जिससे शरीर में खून की भारी कमी होने लगती है और मरीज की मौत भी हो सकती है. jaundice(पीलिया) नवजात बच्चों में ज्यादा होता है हालांकि यह वयस्कों, बढ़ों बुजुर्गों में भी हो सकता है. jaundice(पीलिया) रोग का अगर सही से इलाज ना हो तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है.

Jaundice(पीलिया) का कारण|Jaundice symptoms in hindi

Jaundice(पीलिया) होने का मुख्य कारण बिलीरुबिन(bilirubin)) नामक पदार्थ है. पीले रंग का यह पदार्थ शरीर के ऊतकों और रक्त में निर्मित होता है. यह रक्त में पाया जाने वाला अपशिष्ट पदार्थ होता है. यह रक्त से लौह तत्व के निकलने के बाद रक्तधारा में रह जाता है. लिवर का काम इसे फिल्टर करके बाहर निकालना होता है. परंतु जब किसी कारणवश लिवर इसे फिल्टर नहीं कर पाता तो शरीर में बिलीरुबिन(bilirubin) नामक इस अपशिष्ट पदार्थ की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है और यह पूरे शरीर में फैल जाता है जिस कारण शरीर का रंग पीला पड़ जाता है. jaundice(पालिया) में टोटल सीरम बिलीरूबिन का स्तर 3 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dl) से ऊपर बढ़ जाता है.

इसके अलावा कुछ अन्य कारणों से भी jaundice(पीलिया) हो सकता है जैसे :-

  1. हेपेटाइटिस(hepatitis)
  2. पैंक्रियाटिक का कैंसर
  3. बाइल डक्ट का बंद होना
  4. एल्कोहल के कारण लिवर खराब होना
  5. दूषित खाना खाने व गंदा पानी पीने से.

Jaundice(पीलिया) के प्रकार |Jaundice symptoms in hindi

Jaundice(पीलिया) प्रमुख रूप से तीन प्रकार का होता है.

  1. हेपैटोसेलुलर जॉन्डिस(hepatocellular  jaundice)– इस प्रकार का jaundice(पीलिया) लिवर की खराबी के कारण होता है. इस तरह का jaundice(पीलिया) ज्यादातर नवजात में पाया जाता है. क्योंकि उनका लिवर सही से विकसित नहीं हो पाया होता है साथ ही उनमें उन एंजाइमों की परिपक्वता की भी कमी होती है जो बिलीरूबिन(bilirubin) की प्रक्रिया के लिए जरूरी है.  लिहाजा नवजात शिशु आसानी से jaundice(पीलिया) की चपेट में आ जाते हैं. वहीं बड़ों में यह शराब, खान-पान की गलत आदतों की वजह से लिवर को पहुंचे नुकसान की वजह से हो जाता है.
  2. हेमोलिटिक जॉन्डिस(hemolytic jaundice)– इस प्रकार का jaundice(पीलिया) लाल रक्त कोशिकाओं के समय से पहले टूट जाने के कारण होता है. ऐसा होने पर बिलीरूबिन(bilirubin) बहुत अधिक मात्रा में पैदा हो जाता है जिसे लिवर फिल्टर नहीं कर पाता और परिणामस्वरूप शरीर में बिलीरूबिन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे आंखे और त्वचा पीली पढ़ जाती है. इसे प्री-हिपेटिक पीलिया भी कहते हैं.
  3. पोस्ट-हिपेटिक जॉन्डिस(post hepatic jaundice)– इस तरह का jaundice(पीलिया) तब होता है जब पित्त नलिका में किसी तरह की रुकावट के कारण बिलीरूबिन बढ़ जाता है. इस कारण मूत्र का रंग पीला हो जाता है. इसे पोस्ट-हिपेटिक के अलावा obstructive jaundice(ऑब्सट्रक्टिव पीलिया) भी कहते हैं.

Jaundice(पीलिया) के लक्षण|Jaundice symptoms in hindi

Jaundice(पीलिया) होने पर शरीर में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं:-

  1. शरीर का रंग पीला पड़ जाना.
  2. आंखों का रंग सफेद हो जाना.
  3. थकावट रहना.
  4. अत्यधिक कमजोरी महसूस होना.
  5. भूख ना लगना.
  6. चिड़चिड़ापन.
  7. बालों का झड़ना.
  8. बुखार.
  9. वजन कम होना.
  10. उल्टी व मतली.
  11. गाढ़े पीले रंग का पेशाब आना.
  12. सिरदर्द रहना.
  13. चक्कर आना.

Jaundice(पीलिया) के लिए जरूरी परीक्षण

Jaundice(पीलिया) का परीक्षण चिकित्सक सबसे पहले आपकी त्वचा और आंखों को देखकर करते हैं. अगर त्वचा पीली दिखाई पड़ती है और आंखे सफेद तो चिकित्सक आपको अन्य शारीरिक परीक्षण के लिए कहते हैं जिनमें लिवर की जांच प्रमुख होती है.

Jaundice(पीलिया) का पता लगाने के लिए तीन प्रमुख परीक्षण किए जाते हैं:-

  1. Bilirubin test(बिलीरुबिन परीक्षण)-इसमें आपके शरीर में बिलीरुबिन के स्तर की जांच की जाती है.
  2. Complete blood count test(CBC)-इसमें आपके शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स की गणना की जाती है.
  3. Hepatitis A,B and C – इस परीक्षण के जरिए आपके लिवर की जांच की जाती है. लिवर की जांच MRI Scan(एमआरआई), पेट का अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और लिवर बायोप्सी(liver biopsy) के जरिए की जाती है.

Jaundice(पीलिया) का इलाज

Jaundice(पीलिया) का इलाज मुख्यत: उसके कारणों के आधार पर किया जाता है. इसके लिए चिकित्सक पहले यह देखते हैं कि आपको पीलिया(jaundice) किस कारण से हुआ है. तो उस समस्या को खत्म किया जाता है जैसे:-

  1. अगर आपको jaundice(पीलिया) anemia(एनीमिया) यानि खून की कमी की वजह से हुआ है तो डॉक्टर आपको आयरन की खुराक लेने या अधिक आयरन युक्त खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं जिससे रक्त में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है और jaundice(पीलिया) ठीक हो जाता है.
  2. वहीं हेपेटाइटिस(hepatitis) से होने वाले jaundice(पीलिया) का इलाज स्टेरॉयड दवाओं से किया जाता है.
  3. बाधा प्रेरित पीलिया(jaundice) का इलाज बाधा के कारक को सर्जरी द्वारा हटा कर किया जाता है जैसे पित्ताशय की पथरी के कारण अगर रोगी को jaundice(पीलिया) हुआ है तो इसके लिए पित्ताशय को सर्जरी के द्वारा निकाल दिया जाता है.
  4. वहीं अगर jaundice(पीलिया) किसी तरह के इलाज या दवा के कारण हुआ है तो दवा बदल कर इस प्रकार के jaundice(पीलिया) को ठीक किया जा सकता है.

Jaundice(पीलिया) से बचाव

खुद को jaundice(पीलिया) से बचाने के लिए आप इन बातों का खास ख्याल रखें:-

  1. स्वस्थ आहार लें. ज्यादा तैलीय व तीखा भोजन ना करें.
  2. शुद्ध और साफ-सुथरा खाएं.
  3. सड़क किनारे बिकने वाले खाद्य पदार्थ से दूर रहें.
  4. फास्ट फूड का सेवन ना करें.
  5. शराब का सेवन ना करें.
  6. नियमित रूप से व्यायाम करें.
  7. शरीर में पानी की कमी ना होने दें.

Jaundice(पीलिया) के इलाज के घरेलू उपाय

Jaundice(पीलिया) का इलाज आप कुछ घरेलू उपायों से भी कर सकते हैं जैसे:-

  1. गन्ने का रस– गन्ने के रस को jaundice(पीलिया) के इलाज में काफी कारगर माना जाता है. अगर दिन में दो से तीन गिलास गन्ने का रस पी लिया जाए तो इससे आपका पीलिया(jaundice) जल्दी ही ठीक हो जाएगा,
  2. पीले भुने हुए चने– पीले भुने हुए चने भी jaundice(पीलिया) में काफी लाभदायक सिद्ध होते हैं.
  3. संतरा– संतरे के सेवन से भी jaundice(पीलिया) के रोग में काफी लाभ पहुंचता है. संतरे के रस के सेवन से बिलीरुबिन(bilirubin) की मात्रा कम होती है और लिवर की कमजोरी भी दूर होती है.
  4. दही व छाछ का सेवन– छाछ, मठ्ठा व दही खाने से भी jaundice(पीलिया) रोग जल्दी ठीक हो जाता है. आप छाछ व दही में सेंधा नमक मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं. काफी लाभ मिलेगा.
  5. मूली– jaundice(पीलिया) होने पर हरी पत्तेदार मूली का सेवन भी काफी फायेदमंद होता है. आप चाहें तो सलाद में मूली खाएं या फिर इसके पत्तों की भुजिया बना कर भी खा सकते हैं.

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