Thyroid cancer symptoms |थायरॉइड कैंसर

Thyroid cancer symptoms
Thyroid cancer symptoms

Thyroid cancer symptoms(थायरॉइड कैंसर)– थायरॉइड के कैंसर से संबंधित एक गंभीर बीमारी है. इसके मामले काफी कम देखने को मिलते हैं. बहुत से लोग थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) के बारे में नहीं जानते होंगे. काफी लोगों ने तो इसका नाम भी पहली बार सुना होगा. दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद “थायरॉइड कैंसर (thyroid cancer)” नामक बीमारी एक बार फिर चर्चा में है. फिल्म में अभिनेत्री को थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) होता है. तो आज अपनी इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) आखिर क्या होता है. कैसे होता है, इसका इलाज क्या है और यह किस कदर जानलेवा हो सकता है.

क्या है Thyroid cancer (थायरॉइड कैंसर)          

थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) , थायरॉइड(thyroid) की कोशिकाओं में होने वाला एक प्रकार का कैंसर है. थायरॉइड हमारी गर्दन के निचले हिस्से में स्थित तितली के आकार की एक ग्रंथि होती है. यह एक विशेष तरह के हार्मोन का उत्पादन करती है जो आपके दिल की दर, रक्तचाप, शरीर का तापमान और वजन को नियंत्रित करता है. थायरॉइड(thyroid) के कैंसर का निर्माण थायरॉइड की कोशिकाओं में होता है.

वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो पहले इसके मामले काफी कम देखने को मिलते थे लेकिन पिछले कुछ दिनों में थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) के मामले ज्यादा देखने को मिले हैं. कुछ चिकित्सकों की मानें तो ऐसा इसलिए भी है क्योंकि नई तकनीक में इस तरह के कैंसर को पहचानने की काबिलियत है जो कि पहले इतना संभव नहीं था. Thyroid kya hota hai|कारण, लक्षण और बचाव

Thyroid cancer(थायरॉइड कैंसर) के प्रकार

थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) कई प्रकार के होते हैं जिनमें कुछ बहुत धीरे-धीरे बढ़ते हैं तो कुछ काफी तेज व आक्रामक गति से. हालांकि अच्छी बात यह है कि कई थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) समय रहते इलाज के साथ ठीक हो जाते हैं.

थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) को थायरॉइड में पाई जाने वाली कोशिकाओं के आधार पर वर्गीकृत किया गया है जो निम्नलिखित हैं :-

  1. पैपिलरी थायरॉइड कैंसर(Papillary thyroid cancer)-यह थायरॉइड कैंसर का सबसे आम प्रकार है. यह उन कूपिक कोशिकाओं(follicular cells) से उत्पन्न होता है जो थायरॉइड हार्मोन का उत्पादन व संचय करती है. पैपिलरी थायरॉइड कैंसर(Papillary thyroid cancer) किसी भी उम्र में हो सकता है, पर ज्यादातर यह 30 से 50 साल की उम्र के व्यक्तियों को प्रभावित करता है. चिकित्सक कभी-कभी थायरॉइड कैंसर में अंतर के लिए पैपिलरी थायरॉइड कैंसर(Papillary thyroid cancer) और फॉलिक्युलर थायरॉइड कैंसर(follicular thyroid cancer) का एक साथ उल्लेख करते हैं.
  2. फॉलिक्युलर थायरॉइड कैंसर(Follicular thyroid cancer)– फॉलिक्युलर थायरॉइड कैंसर भी थायराइड की कूपिक कोशिकाओं(follicular cells) में उत्पन्न होता है. आम तौर पर यह 50 से ज्यादा के उम्र वाले व्यक्तियों को होता है.
  3. ऐनाप्लास्टिक थायरॉइड कैंसर(Anaplastic thyroid cancer)– ऐनाप्लास्टिक थायरॉइड कैंसर (Anaplastic thyroid cancer) थायरॉइड कैंसर का एक दुलर्भ प्रकार है. यह तेजी से बढ़ता है और इसका इलाज भी काफी मुश्किल है. इसे थायरॉइड कैंसर का सबसे गंभीर रूप भी कह सकते हैं. यह ज्यादातर 60 या उससे अधिक उम्र के लोगों में होता है.
  4. मेडयुलरी थायरॉइड कैंसर(Medullary thyroid cancer)– मेडयुलरी थायरॉइड कैंसर उन थायरॉइड कोशिकाओं में शुरु होता है जिन्हें सी कोशिकाएं कहते हैं. यह कैल्सीटोनिन(calcitonin) हार्मोन का निर्माण करती हैं. रक्त में कैल्सीटोनिन(calcitonin) हार्मोन के बढ़े स्तर से मेडयुलरी थायरॉइड कैंसर(Medullary thyroid cancer) का शुरुआत में ही पता लगा सकते हैं. माना जाता है कि कुछ अनुवांशिक लक्षण मेडयुलरी थायरॉइड कैंसर का खतरा बढ़ा देते हैं.  
  5. अन्य दुर्लभ प्रकार-थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) के अन्य दुर्लभ प्रकारों में थायरॉइड लिंफोमा(lymphoma) और थायरॉइड सारकोमा(Sarcoma) है. थायरॉइड लिंफोमा थायरॉइड की प्रतिरक्षा प्रणाली कोशिकाओं में शुरु होता है व तेजी से बढ़ता है, यह कैंसर आमतौर पर बड़ी उम्र के व्यक्तियों में होता है. वहीं थायरॉइड सारकोमा(Sarcoma) थायरॉइड की संयोजी ऊतक कोशिकाओं में शुरु होता है.

Thyroid cancer(थायरॉइड कैंसर) के लक्षण|Thyroid cancer symptoms

थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) के शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखते लेकिन जैसे-जैसे यह बढ़ता है इसके कुछ लक्षण दिखाई देने लगते हैं जैसे :-

  1. गर्दन में सूजन व दर्द.
  2. गले में गांठ बनना.
  3. खाना व पानी निगलने में कठिनाई होना.
  4. सांस लेने में दिक्कत का सामना करना.
  5. अकारण खांसी की समस्या रहना.
  6. गला बैठना या फिर आवाज में कर्कशपन आना.
  7. सोचने व बोलने की क्षमता में परिवर्तन होना.
  8. याददाश्त कमजोर होना.
  9. त्वचा का रूखापन.
  10. बालों का रूखापन.
  11. अनियमित रूप से वजन का कम होना.
  12. आंखों से संबंधित समस्या होना.

Thyroid cancer(थायरॉइड कैंसर) का कारण

थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) के कारणों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है. विशेषज्ञ भी इसका कोई निश्चित कारण देने में असमर्थ हैं. फिर भी कुछ कारण हैं जिन्हें थायरॉइड कैंसर (thyroid cancer)के लिए जिम्मेदार माना जा सकता है जैसे:-

  1. DNA परिवर्तन या म्यूटेशन– बहुत हद तक संभव है कि थायरॉइड कैंसर (thyroid cancer) भी अन्य कैंसर की तरह ही कोशिकाओं में डीएनए परिवर्तन या म्यूटेशन की वजह से होता हो.
  2. अनुवांशिकता– अनुवांशिकता यानि पारिवारिक इतिहास को भी थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) का कारण माना जा सकता है.
  3. रेडिएशन के संपर्क में आना– रेडिएशन जैसे एक्स-रे या सीटी-स्कैन के संपर्क में आने से भी थायरॉइड कैंसर हो सकता है.

Thyroid cancer(थायरॉइड कैंसर) के जोखिम कारक

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) के कारणों का अभी तक विशेषज्ञ भी पता नहीं लगा पाए हैं. लेकिन इसके कुछ जोखिम कारक हैं जो इसके खतरे को और बढ़ा सकते हैं जैसे:-

  1. अनुवांशिकता– परिवार में थायरॉइड कैंसर का इतिहास आने वाली पीढ़ी में थायरॉइड कैंसर के खतरे को और बढ़ा सकता है.
  2. महिलाएं-पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में थायरॉइड कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है.

विकिरण के संपर्क में आना- रेडिएशन के संपर्क में आने वाले लोगों में खास तौर पर जिनके सिर और गर्दन का इलाज रेडिएशन थेरेपी से हुआ हो उनमें आम लोगों के मुकाबले थायरॉइड कैंसर का खतरा ज्यादा होता है.

Thyroid cancer(थायरॉइड कैंसर) का इलाज

किसी भी बीमारी का इलाज उसकी गंभीरता, मरीज की आयु जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है. थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) में भी यही होता है. थायरॉइड कैंसर किस प्रकार का है, उसका स्तर क्या है, मरीज की उम्र क्या है आदि कारणों पर इसका इलाज निर्भर करता है. सामान्य तौर पर थायरॉइड कैंसर का इलाज निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है:-

  1. लोबेक्टॉमी(Lobectomy)– इसमें सर्जरी के जरिए थायरॉइड कैंसर(thyroid cancer) को ठीक करने की कोशिश की जाती है यानि कैंसर ग्रस्त अंग को निकाल दिया जाता है.
  2. टोटल थायरॉइडेक्टॉमी(total thyroidectomy)-इसमें सर्जरी के जरिए आपका पूरा थायरॉइड ग्लैंड ही निकाल दिया जाता है.
  3. लिम्फ नोड रिसेक्शन (lymph node resection)-इसमें सर्जरी के जरिए कैंसर ग्रस्त व जिनमें कैंसर पहुंचने वाला हो ऐसे लिफ्म नोड्स को हटा दिया जाता है.

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