CT Scan in hindi

ct scan in hindi
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CT scan in hindi – CT Scan (सीटी स्कैन) यानि Computerized tomography scan(CT or CAT scan). कहते हैं कि किसी भी मरीज के सही इलाज के लिए उसकी सही बीमारी का पता होना बहुत जरूरी है. कुछ रोग ऐसे होते हैं जो बाहरी तौर पर नहीं दिखते. उनके लिए कुछ विशेष प्रकार की जांच जरूरी होती है. तभी उनका पता चल पाता है. जैसे MRI(एमआरआई) एक खास तरह की जांच है जिसमें बारीक से बारीक बीमारी का पता चल जाता है. ठीक इसी तरह CT Scan(सीटी स्कैन) भी एक विशेष प्रकार की जांच है जिसमें कंप्यूटर मशीन व रोटेटिंग एक्स-रे मशीन द्वारा शरीर के पार अनुभागीय(cross sectional) चित्र लिए जाते हैं. आज अपनी इस पोस्ट(CT Scan in hindi) में हम आपको CT Scan (सीटी स्कैन) के बारे में बताएंगे. इससे जुड़ी बारीक से बारीक जानकारी देंगे.

CT Scan in hindi (सीटी स्कैन) क्या है

CT Scan (सीटी स्कैन) एक प्रकार का एक्स-रे होता है लेकिन इसमें सामान्य एक्स-रे की तुलना में अधिक एक्स-रे बीम का उपयोग किया जाता है जिससे हमें शरीर के अंदरूनी अंगों की अधिक स्पष्ट व 3-डी तस्वीरें मिल जाती हैं. इसमें एक्स-रे बीम को पूरे शरीर पर घुमाया जाता है. इससे जो छवि हमें प्राप्त होती है उससे नियमित एक्स-रे की तुलना में हमें अधिक जानकारी मिलती है.

साफ-साफ शब्दों में कहा जाए तो CT Scan(सीटी स्कैन) में कंप्यूटर और एक्स-रे मशीन की सहायता से हमारे शरीर के क्रॉस-सेक्शनल(पार अनुभागीय) चित्र निकाले जाते हैं. ये चित्र सामान्य एक्स-रे पिक्चर्स की तुलना में अधिक अच्छे तरीके से जानकारी प्रदान करते हैं. सीटी स्कैन सॉफ्ट टिशू, रक्त वाहिकाओं और हड्डियों समेत शरीर के कई अंगों पर इस्तेमाल किया जाता है.

CT Scan(सीटी स्कैन) का उपयोग शरीर के कई भागों की अंदरूनी तस्वीरें निकालने के लिए किया जाता है जैसे:-

  1. मस्तिष्क की जांच.
  2. छाती की जांच.
  3. कंधों की जांच.
  4. रीढ़ की हड्डी.
  5. दिल की जांच.
  6. पेट की जांच.
  7. घुटनों की जांच.

क्या होता है CT Scan (सीटी स्कैन) में|CT Scan in hindi

CT Scan(सीटी स्कैन) में आपके शरीर के अंदरूनी अंगों के विभिन्न एंगल से चित्र लिए जाते हैं. ये चित्र एक कंप्यूटर पर भेजे जाते हैं जहां शरीर के एक विशेष क्षेत्र की 3-डी पिक्चर्स को बनाने के लिए उन्हें इकट्ठा किया जाता है.

क्या होता है CT Scan (सीटी स्कैन) के दौरान |CT Scan in hindi

CT Scan(सीटी स्कैन) एक दर्द रहित प्रक्रिया है. CT Scan(सीटी स्कैन) से पहले आपका डॉक्टर आपको एक खास किस्म की(contrast material) डाई देगा. जिससे एक्स-रे पिक्चर्स में अंदरूनी अंगों की अधिक साफ और सटीक तस्वीर दिखाई देगी. यह आपके शरीर में इंजेक्शन के द्वारा व आपको पीने के लिए भी दी जा सकती है. इसका स्वाद चॉक की तरह होता है. टेस्ट के बाद यह आपके मल के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है. इसके लिए आपको डाई देने के अगले 4 घंटे तक कुछ भी खाना-पीना खाने की मनाही होगी.

CT Scan(सीटी स्कैन) के समय आपको अस्पताल का गाउन पहनने के लिए कहा जाएगा. साथ ही आपके शरीर से मेटल की कोई भी चीज गहने आदि उतारने के लिए बोला जाएगा. क्योंकि इससे आपका CT Scan(सीटी स्कैन) बिगड़ सकता है. इसके बाद डॉक्टर आपको स्लाइडर टेबल पर पीठ के बल लेटने को कहेगा जो आपको सीटी स्कैनर मशीन तक ले जाएगी. इसके बाद डॉक्टर कंट्रोल रूम से स्कैनिंग को देखेगा.

उधर एक्स-रे मशीन आपके शरीर के चारों और घूमेगी और हर चक्कर में बहुत सारी पिक्चर्स तैयार कर लेगी. स्कैन के दौरान आपको मशीन के काम करने की आवाजें सुनाई देंगी. स्कैनिंग के दौरान स्लाइडर कई बार एडजस्ट होता है. इस वजह से इसमें कभी कभार कुछ ज्यादा समय लग जाता है.

CT Scan(सीटी स्कैन) की इस पूरी प्रक्रिया में 20 मिनट से एक घंटे तक का समय लग सकता है. पूरी प्रक्रिया के दौरान आपको टेबल पर बिना हिले-डुले लेटे रहना बहुत जरूरी है. क्योंकि CT Scan(सीटी स्कैन) के वक्त शरीर में ज़रा सी भी हलचल आपकी तस्वीरें बिगाड़ सकती है. बच्चों के मामले में डॉक्टर उन्हें दवाई देकर कुछ देर के लिए शांत करते हैं. एक बार जब चित्र ले लिए जाते हैं तो फिर उसे परीक्षण के लिए रेडियोलॉजिस्ट के पास भेजा जाता है. रेडियोलॉजिस्ट उस डॉक्टर को कहते हैं जो तस्वीरों के माध्यम से उपचार करता है जैसे सीटी स्कैन और एक्स-रे. परीक्षण के बाद डॉक्टर नतीजों के साथ आपसे बात करता है.

CT Scan (सीटी स्कैन) के परिणाम का क्या मतलब होता है|CT Scan in hindi

CT Scan(सीटी स्कैन) रिजल्ट तब सामान्य माना जाता है जब रेडियोलॉजिस्ट पिक्चर्स में कोई ट्यूमर, खून के थक्के, फ्रैक्चर व अन्य असामान्यताओं को नहीं देखता है. वहीं अगर CT Scan (सीटी स्कैन) के दौरान किसी भी प्रकार की कोई असामान्यता सामने आती है तो आपको परिणाम के आधार पर आगे के टेस्ट व इलाज के लिए रेफर किया जाता है.

CT Scan (सीटी स्कैन) क्यों किया जाता है |CT Scan in hindi

यूं तो CT Scan(सीटी स्कैन) के कई उपयोग है लेकिन इसका मुख्य उपयोग रोगों के निदान व शरीर में किसी भी तरह की चोट का पता लगाने के लिए किया जाता है जैसे:-

  1. शरीर में अगर कहीं संक्रमण हो.
  2. मांसपेशियों में किसी तरह का कोई विकार हो.
  3. हड्डी के फ्रैक्चर का सही पता लगाने के लिए.
  4. ट्यूमर(कैंसर सहित) के स्थान का पता लगाने के लिए.
  5. रक्त वाहिकाओं व अन्य आंतरिक संरचनाओं के अध्ययन के लिए.
  6. आंतरिक चोटों और आंतरिक रक्तस्राव की मात्रा के आकलन के लिए.
  7. किसी थेरेपी, सर्जरी आदि कराने से पहले गाइडलाइन बनानी हो तो.
  8. कैंसर, हृदय रोग सहित कुछ चिकित्सा स्थितियों के उपचार के प्रभाव की निगरानी के लिए.

CT Scan (सीटी स्कैन) के जोखिम कारक |CT Scan in hindi

CT Scan (सीटी स्कैन) से जुड़े जोखिम कारक काफी कम होते हैं. हालांकि CT Scan (सीटी स्कैन) में आम एक्स-रे के मुकाबले आप ज्यादा रेडिएशन के संपर्क में आते हैं. लेकिन फिर भी CT Scan (सीटी स्कैन) के रेडिएशन(विकिरण) से कैंसर होने का खतरा काफी कम होता है अगर आप सिर्फ एक बार CT Scan(सीटी स्कैन) करवाते हैं तो. लेकिन अगर आप बार-बार CT scan(सीटी स्कैन) या फिर एक्स-रे करवाते हैं तो यह खतरा बढ़ जाता है. यह खतरा बच्चों में ज्यादा होता है जिनका पेट व छाती का CT Scan(सीटी स्कैन) होता है.

वहीं कुछ लोगों को CT Scan (सीटी स्कैन) के दौरान दी जाने वाली कंट्रास्ट डाई से एलर्जी हो सकती है क्योंकि अधिकांश कंट्रास्ट सामग्री में आयोडीन होता है इसलिए यदि आपको पहले से आयोडीन से एलर्जी है तो आप अपने डॉक्टर को इसकी जानकारी अवश्य दें जिससे कि वो आपको एलर्जी की दवा या फिर स्टेरॉयड दे सकें.

इसके साथ ही अगर आप गर्भवती हैं तो यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने डॉक्टर को बताएं ताकि वह रेडिएशन के खतरे की किसी भी तरह की संभावना से आपको बचाने के लिए CT Scan (सीटी स्कैन) की जगह अल्ट्रासाउंड या फिर एमआरआई जांच की सलाह दे. हालांकि सीटी स्कैन के दौरान निकले रेडिएशन से आपके बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है.

MRI  स्कैनर

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